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Har Ki Pauri "Om hili hili mili mili ganga devi namaha" by H. Subhash

Mughal emperor Akbar asked Birbal one day, what in the world's most sacred river water. Birbal said, the Yamuna. But Akbar was not ready to accept it. How could he, the holy water of the Ganga. Birbal replied, sir, he did not water, is immortal. Pure water of the Yamuna.

Acknowledgment fallen majesty of the river. Shukla Dashami senior party appeared on earth from heaven. So this day was called Ganga Dussehra.According to legend, all know how Ganga descended on earth. However, what really Ganga. Scriptures mention that Gmyte Prapyte Moksharthibhirya C: Ganga, namely, the knowledge of salvation, the same Ganga. Ganga degenerate acknowledgment, salvation Pradayini mother was described as a deity in the spiritual world.Maharishi Valmiki origin of the Ganga and the Himalayas is considered the king's wife Maina. Skanda Purana mentions that the Ganga from heaven to Dharadham down, the grand total was ten. Ram in the sum established by the pier.

एक दिन मुगल बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा, दुनिया में किस नदी का जल सबसे पवित्र है। बीरबल बोले, यमुना का। लेकिन, अकबर यह मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा यह कैसे हो सकता है, सबसे पवित्र जल तो गंगा का है। बीरबल का जवाब था, हुजूर वह जल नहीं, अमृत है। जल तो यमुना का ही पवित्र है।

यह है पतित पावनी गंगा का महात्म्य। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी को स्वर्ग से धरती पर प्रकट हुई। इसलिए इस दिन को गंगा दशहरा कहा गया। ब्रहृपुराण में कहा गया है कि इस दिन गंगा स्नान व पूजन से दस प्रकार के पापों (तीन कायिक, चार वाचिक व तीन मानसिक) का नाश होता है। पौराणिक कथा के अनुसार सभी जानते हैं कि गंगा कैसे धरती पर अवतरित हुई। लेकिन, वास्तव में गंगा है क्या। धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि गम्यते प्राप्यते मोक्षार्थिभिर्या स: गंगा अर्थात जिससे मोक्ष का ज्ञान प्राप्त हो, वही गंगा है। गंगा को पतित पावनी, मोक्ष प्रदायिनी माता कहकर आध्यात्मिक जगत में अधिष्ठात्री देवी की संज्ञा दी गई। आचार्य डॉ.सुशांतराज कहते हैं कि सामान्य दृष्टि से गंगा भी अन्य नदियों की भांति एक प्रवाहमान सरिता है, किंतु आध्यात्मिक दृष्टि में कोई भी नदी गंगा की तरह तुलनीय नहीं। महर्षि वाल्मीकि ने गंगा की उत्पत्ति हिमालय राज की पत्नी मैना से मानी है। स्कंद पुराण में उल्लेख है कि जब गंगा स्वर्ग से धराधाम पर उतरी, उस समय दस महायोग थे। इसी योग में श्रीराम ने सेतुबंध की स्थापना की।

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India

Photo details

  • Uploaded on February 24, 2012
  • © All Rights Reserved
    by H Subhash
    • Camera: NIKON CORPORATION NIKON D90
    • Taken on 2012/02/21 06:35:07
    • Exposure: 0.400s
    • Focal Length: 18.00mm
    • F/Stop: f/3.500
    • Exposure Bias: 0.00 EV
    • No flash